वह जानती है------------- ?
वह जानती है————-,
और अक्सर। उसने भी देखा है,
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में मुझमें,
मेरे उठने-बैठने के तरीकों में,
मेरे बोलने की लय-ताल में,
मेरे हाथों के इशारों में,
और मेरी मां आँखों की तस्वीर में,
मेरी खुशी और उदासी में,
उसके नाम लिखे खतों और गीतों में,
कि मैं उससे प्यार करता हूँ।
वह जानती है————–,
कि मैं अपने मंजिले-ख्वाब,
और मेरी जिंदगी में,
सिर्फ उसको ही साथ रखता हू ,
हाँ, इसमें उसका भी सहयोग है,
और उसकी स्वीकृति भी है,
उसके साथ झगड़ा और,
हंसी-ठिठोली का रिश्ता ही तो,
रखता है उसके करीब मुझको,
काम को निमंत्रण देती उसकी अदायें,
कि मैं बंधता गया उसके पल्लू से।
वह जानती है————,
मेरे ख्वाब उससे अलग है,
आज वह एक ऊंची इमारत में है,
नौकर-चाकर है, अथाह सम्पत्ति है,
सुंदर सलौने बच्चें हैं,
और हसीन-रईस जीवनसाथी है,
फिर भी उसकी सिसकियां,
मुझको रोज सुनाई देती हैं,
शायद यह उसका फैसला नहीं था,
यह समाज का नियम था,
संस्कारों की पालना थी,
माता-पिता की पगड़ी का सवाल था।
वह जानती है——————–।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला-बारां(राजस्थान)