जालन्धर चौरसिया एवं कृष्ण मोहन बनें शिक्षक,बिहार में बहार
ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा, कुछ इस तरह से कर लो गुजारा, कि ज़िन्दगी बन जाए सितारा… डॉ. सुनील चौरसिया सावन की इन काव्यात्मक पंक्तियों को चरितार्थ किया है उनके अनुज जालंधर कुमार उर्फ़ संदीप चौरसिया एवं कृष्ण मोहन चौरसिया ने। जालन्धर का बिहार में पीजीटी भूगोल पद पर चयन हुआ है। अमवा बाजार (अटल नगर) रामकोला, कुशीनगर के निवासी रामकेवल चौरसिया एवं उर्मिला देवी के होनहार पुत्र जालन्धर कुमार ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने परिवार के सहयोग एवं स्वाध्याय के बल पर यह सफलता अर्जित की है। जालंधर की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक पाठशाला एवं महात्मा गौतम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नरकूटोला तथा उच्च शिक्षा जनता इंटर कॉलेज रामकोला, बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर और दिग्विजय नाथ एल.टी. प्रशिक्षण महाविद्यालय गोरखपुर से संपन्न हुई है। शिक्षण एवं लेखन में आपकी विशेष रूचि है। प्रभुनाथ चौरसिया एवं सुनीता देवी के प्रतिभाशाली पुत्र कृष्ण मोहन चौरसिया का प्राथमिक शिक्षक पद पर बिहार में चयन हुआ है। यह सफलता कठिन परिश्रम, एकाग्रता, लगन एवं स्वाध्याय का सुखद परिणाम है। इन दोनों सितारों की सफलता पर शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। डॉ. सुनील चौरसिया सावन, स्नातकोत्तर शिक्षक (हिन्दी) केंद्रीय विद्यालय गांगरानी, कुशीनगर ने सावन साहित्य सेवा सदन में इन सफल सितारों का साक्षात्कार लेकर उनकी सफलता का राज जानने की कोशिश की। नन्दलाल पाल, रामकेवल चौरसिया, उर्मिला देवी, प्रीति चौरसिया, सुप्रीति चौरसिया, शैलेंद्र चौरसिया, ऋतुराज दुबे, विनय भारती, जितेंद्र, राकेश, इमरान, चन्द्र मोहन चौरसिया, चंद्रशेखर चौरसिया, प्रियंका, वन्दना, पिन्टू, शैलेश, अमित इत्यादि शुभचिंतकों ने बधाइयां दीं।