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16 Sep 2025 · 1 min read

जो कहते थे कि खून और पानी एक नहीं हो सकता ,

जो कहते थे कि खून और पानी एक नहीं हो सकता ,
उनकी आंखों में आज लाज शर्म का पानी मर गया ।
भुला दिए गए निर्दोषों के साथ अमानवीय कुकृत्य,
चंद पैसों के सामने उनका प्रतिशोध कहां चल गया ?

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