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16 Sep 2025 · 1 min read

पैरहन आसमा का सितारों जड़ा

पैरहन आसमाँ का सितारों जड़ा
देखता चांद है जिसको अबतक खड़ा

मेरा एक काम कर दे ऐ पागल हवा
उसके पर्दे गिरा उसका आँचल उड़ा

डाल कमजोर थी नातवाँ था शज़र
वक़्त की आजमाइश से वो गिर पड़ा

शम्स को भी बुझाने चली थी हवा
रास्ता रोक कर पर दिया था खड़ा

फूल तूने जो मुझको दिया था कभी
उसके सीने में अब तक है काँटा गड़ा

रोया साहिल भी कश्ती के हालात पर
जिसका एक पांव अब तक भँवर में पड़ा

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