*हिंदी दिवस पर विशेष*
हिंदी दिवस पर विशेष
‘ हिन्दी केवल भाषा नहीं है ‘
हिन्दी केवल भाषा नहीं है ,
इसमें तो है प्रेम की आहट ।
हिन्दी मात्र संवाद नहीं है ,
इसमें तो भावों की गर्माहट।
हिन्दी का क्षेत्र बहुत विशाल ,
विश्व -बंधुत्व की यह मशाल ।
आओ हम करें यह अभिलाषा ,
बन जाये हिन्दी राष्ट्र -भाषा ।
बस शासनादेश की दरकार
दिल से कहते हैं हम सरकार।
हिन्दी घोषित हो राष्ट्र – भाषा
सभी के हृदय की यही आशा।
हिन्दी तो है वैश्विक भाषा
यह तो है जन-जन की भाषा।
हिन्दी भारत की गौरव – गाथा
सर्व साधारण की भी विधाता ।
मेरा तो अभिमान है हिन्दी
मेरी तो पहचान भी हिन्दी ।
इसके बिना सब ज्ञान अधूरा
हिन्दी बिना तो लगें जमूरा ।
सुव्यवस्थित इसकी वर्णमाला
लगती सुंदर सी एक माला ।
मेरा प्रण इस हिन्दी दिवस पर
हिन्दी हो और उच्च शिखर पर ।
मौलिक सृजन
पूनम दीक्षित
कृष्णा विहार कॉलोनी
ज्वाला नगर रामपुर