Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
15 Sep 2025 · 1 min read

चायवाला

सुबह की ठंडी हवा के संग,
चायवाला गुनगुनाता रंग।

हाथों में केतली, मन में उम्मीद,
खुशबू से भर दे हर एक भीड़।
छोटी-सी दुकान, बड़ा उसका हौसला,
हर प्याले में घोले अपनापन का झरना।

मज़दूर से लेकर अफ़सर तक,
हर दिल को जोड़ दे एक पलक।
बातों में घुलती उसकी मिठास,
थकान मिटाती चाय की साँस।

धूप-बरसात सब सह जाता,
हर सुबह को नयी जान दिलाता।
चायवाला सिखाता यही,
छोटा काम भी बड़ा हो सही।

कवि
विनेश

Loading...