यूं ही बिखर गए हम
यूं ही बिखर गए हम,
अब खुद ही उजड़ गए हम।
किसी को दोष नहीं देते हैं,
अब बदल गए हम।
किसी की यादो में रोते नहीं हरदम,
चुपचाप जल गए हम।
गुलाब तुम्हें ही मुबारक हो,
जिन्दगी की राह में कांटों पे चल गए हम।
यूं ही बिखर गए हम,
अब खुद ही उजड़ गए हम।
किसी को दोष नहीं देते हैं,
अब बदल गए हम।
किसी की यादो में रोते नहीं हरदम,
चुपचाप जल गए हम।
गुलाब तुम्हें ही मुबारक हो,
जिन्दगी की राह में कांटों पे चल गए हम।