सपनों की उड़ानो मैं कुछ यूं लगे हैं
सपनों की उड़ानों मैं कुछ यूं लगे हैं
घर से दूर बेगानों में जा बसे है
यू तो कहने को पूरा परिवार है
पर फिर भी अकेला रहना पड़ता है
कैसे बताए हाल अपना की
हमें भी सबके साथ रहना कितना अच्छा लगता है
हर्षिता चौबीसा ✍🏻