राष्ट्र की मांग है हिंदी
राष्ट्र की मांग है हिंदी -1१४ सितंबर
हिंदी से ही हिंदुस्तान ।
हिंदी अपने देश की शान ।
हिंदी ज्ञान की है भंडार ।
करें सभी हिंदी से प्यार ।
हिंदी लता रफ़ी का सुर है
इसी से जुड़ा हम सबका उर है ।
सूर कबीर तुलसी की कलम है ।
हां सचमुच हिंदी में दम है ।
हिंदी तो शब्दों का सागर ।
करे भावनाओं को उजागर ।
देवनागरी लिपि है इसकी ।
ऐसी भाषा और भला किसकी ?
माथे पर शोभित है बिंदी ।
वाणी से मुखरित है हिंदी ।
हिंदी है सारा इतिहास ।
तुलसी सूर जायसी प्यास
वेद पुराणों की सरताज ।
हिंदी है जन -जन की भाषा
यही है जीवन की परिभाषा ।
आओ करें मातृभाषा का वंदन ।
अपनी संस्कृति का अभिनंदन ।
सभी समझें हिंदी का मूल्य ।
इसे भूलने की करें ना भूल ।
हिंदी हमको सबसे प्यारी ।
हां यही पहचान हमारी ।
सभी हिन्दुस्तानियों को हिंदी दिवस की हार्दिक
शुभकामनाएं !🙏🙏