#मुक्तक...
#मुक्तक…
समझदारों के लिए।
(प्रणय प्रभात)
“बालकनियों तक ही अच्छी, ठीक है बाहर रहें,
नागफनियों से नहीं, निज कक्ष को सज्जित करो।
अस्मिता रखते हैं ये भी, शब्द लज्जित मत करो।।”
*********,
😊😊😊😊😊😊😊😊😊
#मुक्तक…
समझदारों के लिए।
(प्रणय प्रभात)
“बालकनियों तक ही अच्छी, ठीक है बाहर रहें,
नागफनियों से नहीं, निज कक्ष को सज्जित करो।
अस्मिता रखते हैं ये भी, शब्द लज्जित मत करो।।”
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