हिन्दी वट की डाल पर,
हिन्दी वट की डाल पर,
रखीं बोलियाँ गूँथ।
जहाँ कूँजते जन- विहग,
नित्य यूथ के यूथ।
***
अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’
हिन्दी वट की डाल पर,
रखीं बोलियाँ गूँथ।
जहाँ कूँजते जन- विहग,
नित्य यूथ के यूथ।
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अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’