बेटियाँ
बेटियाँ हैं घर की रौनक,
प्यार भरा हर उनका पलक।
माँ की ममता, पिता का मान,
बेटियाँ हैं सबसे महान।
सपनों को देतीं नया आसमान,
हर दुख में लाती मुस्कान।
संस्कारों की होती पहचान,
हर रिश्ते में भरती जान।
छोटी-सी हँसी में खुशियाँ लुटाएँ,
अपनेपन से घर सजाएँ।
बेटियाँ हैं जग की शान,
बिन उनके सूना हर स्थान।
सम्मान दो इनकी हर बात,
बेटियाँ हैं दुनिया की सौगात।
कवि
विनेश