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13 Sep 2025 · 1 min read

हिंदी भाषा कविता

हिंदी भाषा

हिंद देश की ये भाषा
इसका है हिंदी नाम
देवनागरी है लिपि
बोली जाती है ये आम

लिखने में ये सरल
अलंकारों से है सजी
गद्य पद्य रूप में है
आती सब को काम।।

भाव मन में ये लाए
कागज कलम संग
यति गति इसमें भी
देख रह जाए दंग

भजन सुरीले लिखे
हिंदी भाषा लेखकों ने
बोलो धारा प्रवाह
कभी न होना तंग।।

आदि मध्य आधुनिक
काल खण्ड है समाई
राष्ट्र कवियों ने सदा
हिंदी महिमा गायी।।

दोहा कुंडली सोरठा
गजल में है ये छाई
प्रेमचंद की कहानी
इसने है सुनाई।।

राग सुर अलंकार
गीत सुहाने है आज
हिंदी भाषा में बनाए
लाखों गाने है आज

संविधान सभा ने भी
इसे अपनाया यहाँ
बालमुकुंद गुप्त जी
यहाँ जाने-माने है।।

संज्ञा सर्वनाम भी है
धातु इसमें समाया
क्रिया लिंग वचन भी
इसकी व्याकरण।।

यगण मगण से है
यमाता राज सुलभा
छंद का ये गूढ रूप
इसी से ही आया है।।

इसे अपनाओ सारे
मिलजुल गाना है
बोलना जो जाने नहीं
उन्हें भी सिखाना है।।

प्यार प्रेम की ये भाषा
मिली हमें सौगात है
राष्ट्रभाषा की मुहिम
मिल के चलाना है।।

अरविंद भारद्वाज

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