* मेरे दिल में भी युद्ध होता है*
मेरे दिल में भी युद्ध होता है,
कोई आकर घर बना जाता है;
तो कोई अपने सौंदर्य शक्ति से,
उसे उजाड़ फेंकता है।
मेरे दिल में होर लगी है,
कोई पाना चाहता है तो ;
कोई छोड़ना चाहता है।
मेरे दिल में भी युद्ध होता है।
इस दिल की कोई शाश्वत रानी नहीं है।
दिल पर राज तो,सब करना चाहता है;
कमबख्त कोई काबिल नहीं मिलता,
कोई दिल पर जान देते हैं, तो कोई मर मिटने की कसमें खाते हैं।
मेरे दिल में भी युद्ध होता है।
मुझे भी रोना आता है
मुझे भी दर्द होता है
कोई दिल को लुटना चाहता है, तो कोई बचाना चाहता है।
तनिक माया का पर्दा हटा कर कर देखा, तो
सब रंगीन धोखा है;
मैं क्या करूं,
मेरे दिल में भी युद्ध होता है।
✍️ – अंगरक्षक सूरज
14/02/2025