लौट जाएंगे हम तुम्हारे बिना
आंख मेरी है नम तुम्हारे बिना
लौट जाएंगे हम तुम्हारे बिना
खुशियां रूठ जाएंगी सदा के लिए
रोशनी में भी तम तुम्हारे बिना
जीत लेते हम सारे संसार को
पर बढ़ते नहीं कदम तुम्हारे बिना
तुम ही हिम्मत तुम ही ताकत हो
है सब कुछ भरम तुम्हारे बिना
जी नहीं लगता बहारो में भी
हर-सू गम ही गम तुम्हारे बिना
तू मेरी गजल,कविता, मुक्तक हो
चलता नहीं है कलम तुम्हारे बिना
नूर फातिमा खातून “नूरी”
जिला -कुशीनगर