हर पल रुलाया गया,
हर पल रुलाया गया,
gधकते हुए शोले पे चलाया गया।
मगर वो माँ ही थी जिसने सीने से लगाया,
वरना दुनिया ने तो सिर्फ नज़रों से गिराया।
हर पल रुलाया गया,
gधकते हुए शोले पे चलाया गया।
मगर वो माँ ही थी जिसने सीने से लगाया,
वरना दुनिया ने तो सिर्फ नज़रों से गिराया।