कुण्डलिया छंद
!! श्रीं !!
सुप्रभात !
जय श्री राधेकृष्ण !
शुभ हो आज का दिन !
**********
कुण्डलिया
**********
सीता मैया की कृपा, जिसको भी मिल जाय।
बने दुलारा राम का, हनुमत वही कहाय ।।
हनुमत वही कहाय, अमरता का वर पाता।
करें कृपा जब मात, भक्ति में मन रम जाता।।
‘ज्योति’ सदा भज नाम, तरेगी भव से नैया।
दया सिंधु श्री राम, खिवैया सीता मैया।।
.***
महेश जैन ‘ज्योति’,
मथुरा !
🌷🌷🌷