मानव हो युद्ध चुनो...!
मानव हो, युद्ध चुनो..!
अपने मन के विरुद्ध चुनो..
जीवन के विफल क्षणों में
संघर्षों के विरुद्ध चुनो..
मानव हो, युद्ध चुनो..
समय के विरुद्ध चुनो
कभी अपने, कभी अपनो के विरुद्ध चुनो, युद्ध चुनो..!
काल के सिर पर तांडव जैसे रुद्र होकर , युद्ध चुनो..!
काल चक्र के विरुद्ध होकर
अभिमन्यु के जैसे युद्ध चुनो..
मानव हो, युद्ध चुनो.
पांचाली के जैसे, मन संघर्ष में.. युद्ध चुनो..!
युद्ध चुनो…! बस युद्ध चुनो…!
शिवम् “सहज”