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12 Sep 2025 · 1 min read

तेरे आमाल ही तेरे मज़हब की पहचान हो बस ,

तेरे आमाल ही तेरे मज़हब की पहचान हो बस ,
अपने किरदार को अख़लाक की वो दौलत बख्शों ।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद

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