पूज्य पितर आसन गहो, स्वीकारो ये कव्य।
पूज्य पितर आसन गहो, स्वीकारो ये कव्य।
चोला मैला त्याग कर, धारो जीवन नव्य।।
सोलह दिन इक साल में, पूजे जाते काग।
पुरखों के आशीष से, जागें सब के भाग।।
© सीमा
पूज्य पितर आसन गहो, स्वीकारो ये कव्य।
चोला मैला त्याग कर, धारो जीवन नव्य।।
सोलह दिन इक साल में, पूजे जाते काग।
पुरखों के आशीष से, जागें सब के भाग।।
© सीमा