Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
11 Sep 2025 · 1 min read

*जो बंदूक की गोली से नहीं डरता,वो शक्कर सी मीठी बोली से मर जाता है।*

शहीद कामरेड शंकर गुहा नियोगी जी की✍️ कलम से
🇧🇾🇧🇾🇧🇾🇧🇾
जो बंदूक की गोली से नहीं डरता,वो शक्कर सी मीठी बोली से मर जाता है।
साथियों,,
लाल जोहार
“लूटेरा वर्ग यही शोषक वर्ग है जिसके हाथ में दो किस्म के हथियार रहते हैं। एक बंदूक की गोली और दूसरा शक्कर-सी मीठी बोली।”
शोषक वर्ग पूरी तरह सोच-समझकर दोनों गोलियाँ चलाता है। हमारे अनेक कामरेड बंदूक की गोली का तो मुकाबला कर सकते है लेकिन जब दुश्मन हमारे कामगार भाइयों से कहता है, आप महान है। आप बहुत अच्छे हैं, तब हमारे कामरेडों की आँखों का गुस्सा पानी में बदल जाता है। दिल नरम हो जाता है। और सर झुक जाता है। मीठी बातों की गोली से दुश्मन हमारे कामरेडों को मार गिराता है। इसलिए सावधान रहना जरूरी है।
जो बंदूक की गोली से नहीं डरता,
वो शक्कर सी मीठी बोली से मर जाता है।
🇧🇾🇧🇾🇧🇾🇧🇾
लाल जोहार
राम चरण नेताम
छत्तीसगढ़ माईंस श्रमिक संघ
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा
दल्ली राजहरा

Loading...