चिढ़ा रहा है चन्द्रमा,
चिढ़ा रहा है चन्द्रमा,
ले बादल की ओट।
याद तुम्हारी कर रही,
मन पर मीठी चोट।।
***
अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’
चिढ़ा रहा है चन्द्रमा,
ले बादल की ओट।
याद तुम्हारी कर रही,
मन पर मीठी चोट।।
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अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’