#कुमुद
#कुमुद
कुमुद लहराए बीच सरोवर, मन में प्रीत जगाए।
सुसुप्त पड़े प्रेमांकुर, खिलने की आस लगाए।
भले रूठ जाओ तुम, दिल अब भी तुम्हे पुकारे।
राह निहारे मेरे नैना, तेरी आहट जब जब आए।
#डा. राम नरेश त्रिपाठी ‘मयूर’
#कुमुद
कुमुद लहराए बीच सरोवर, मन में प्रीत जगाए।
सुसुप्त पड़े प्रेमांकुर, खिलने की आस लगाए।
भले रूठ जाओ तुम, दिल अब भी तुम्हे पुकारे।
राह निहारे मेरे नैना, तेरी आहट जब जब आए।
#डा. राम नरेश त्रिपाठी ‘मयूर’