शीर्षक: #स्त्री_अनमोल_कृति
विचार कर, रोम-रोम में पवित्र प्रेम भर,
गढ़ डाला उस ईश्वर ने उत्कृष्ट,
‘एक अनमोल कृति’
और वो है ‘स्त्री’
चाहती है वह
थोड़ा स्नेह,
और थोड़ा सम्मान,
और देती है,
प्रेम का प्रतिदान।
क्योंकि अथाह प्रेम देना,
है उसकी नियति जो बनाती है उसे,
संसार की सबसे सुन्दरतम ‘अनमोल कृति’
@स्वरचित व मौलिक
कवयित्री शालिनी राय ‘डिम्पल’
आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश।