अंतिम प्रयास
मैं लिखना चाहती हूं
दिल के जज्बात…..
फिर सोचती हूं…..
व्यथाएँ दिल की….
दिल ही समेटे तो अच्छा है …..
चिंतायें मस्तिष्क की….
शून्य में विलीन हो जाए तो अच्छा है..
कुछ पहेलियाँ अनसुलझी ही रहें…
कुछ ज़वाब न ही मिले….
कुछ हिसाब अधूरे ही सही….
और कुछ कहानियां अंतहीन हो जाए…
……….
अंत अटल है…निश्चित है….
जीवन का…
दुखों का…
सुखों का….
अंधेरे का…..
……