बचपन कि यारी हम सबको प्यारी
कि याराना भी कुछ ऐसा रहा हमारा
मेरा तिनका उसका पानी
मेरा बस्ता उसकी किताब
मेरी सैतानी उसकी जुबानी
बचपन कि यारी आज भी हमको प्यारी
यारी हमारी नन्हे कदमो से जुड़ी
फिर कदमो को हमने है पँख बनाया
पंखो ने हमको सवारा बहुत हैँ
पंखो की ढाल मे ढलते गए हम
बचपन की यारी आज भी हमको प्यारी
यारों संग यारी मे याराना भी हुआ
कभी गुड्डी गुड्डे के खेल तराना भी हुआ
हमने सोचा ना तहरीर ऐसी बनेगी हमारी
बड़े होकर यारी मिसाले बनेगी हमारी
बचपन की यारी आज भी iहमको प्यारी
बचपन की यारी ने हमको सवारा
अटूट भावनाओं को निःस्वार्थ हैँ पाया
उस दौर को ना कभी भुलाया गया
जिसमे यारी हमारी तलबगार रही
इसलिए बचपन की यारी आज भी हमको प्यारी
दीपिका सराठे