मैं वो सख्सियत नही🫰🏻🫰🏻🫰🏻🫰🏻🫰🏻
मैं वो सख्सियत नहीं जो
मोहब्बत क़ो यूँ ही बदनाम होने दे
जा तुझे आज़ाद कर दिया
अब मैंने अपने दिल से
तू खुद मैं ही कैदी हुआ अब
पर मैं वो बंदगी नही
जिसमे अश्रु घर बनाते है
तू मेरी सिख ही तो है
महज रिश्ते निभाने की
मेरी मोहब्बत वो अता नहीं
जो मुस्कुराना सिखाती है
वो मोहब्बत मे रुलाना और
मुश्किल मे हसना सिखाती है
दीपिका सराठे