श्री गणेश देवा
बज रहें है खूब ढोल धमाके,
देखो आए श्री गणेश देवा।
सुंदर सुंदर फूलों से सजे,
लगे है छप्पन भोग मेवा।।
शहर शहर की गली गली से,
सज धजकर झांकी निकली ।
बजते ढोल नगाड़े भक्त झूमते,
देखो भक्ति की लहर चली।।
रात्रि में दिन जैसा माहौल है,
सब तरफ उत्साह अपार है।
एक से बढ़कर एक झांकी है,
लगे ऐसा जैसे कुछ बाकी है।।
आओ प्रेम से मिलकर बोले,
जय गणेश जय गणेश देवा ।
अगले बरस जल्दी आना बाबा,
फिर से मिले करने को सेवा।।