आकर्षक लगते
कुण्डलिया
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आकर्षक लगते बहुत, तितली के प्रिय रंग।
घुल-मिल कर रहती मगर, यह फूलों के संग।
यह फूलों के संग, इधर उधर मंडराती।
इसीलिए हर बार, सभी के मन को भाती।
कहते वैद्य सुरेन्द्र, खिली कुदरत है जब तक।
सभी जगह हर ओर, दृश्य मिलते आकर्षक।
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-सुरेन्द्रपाल वैद्य, ०७/०९/२०२५