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7 Sep 2025 · 1 min read

ज़िंदगी की सच्चाई:

ज़िंदगी की सच्चाई:

हर सुबह उम्मीद की नई किरण के साथ उठाती है ज़िंदगी,
हर शाम उम्मीदों की कश्ती को डुबाती है ज़िंदगी….

✍️ Rati Raj

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