दिन ढलता रहा और हम यूं ही चलते गए,
दिन ढलता रहा और हम यूं ही चलते गए,
ना थी वक्त की फिक्र, ना था किसी का डर।
होता भी कैसे जब कोई पूछने वाला न था,
क्या है आपकी खबर
दिन ढलता रहा और हम यूं ही चलते गए,
ना थी वक्त की फिक्र, ना था किसी का डर।
होता भी कैसे जब कोई पूछने वाला न था,
क्या है आपकी खबर