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7 Sep 2025 · 1 min read

दोहा सप्तक. . . . संबंध

दोहा सप्तक. . . . संबंध

रिश्तों का मतलब मिटा , क्षीण हुए सम्बंध ।
भूल गए सब जिंदगी, जीने की सौगंध ।।

आपस का आदर मिटा , मिटी मिलन की चाह ।
कौन किसी की देखता , अब आने की राह ।।

क्या था जो अब घट गया, संबंधों में यार ।
सूना सा लगने लगा, अब प्यारा संसार ।।

टूटे पतली डोर से, आपस के संबंध ।
नफरत की सीलन बढ़ी, मिटी प्रेम की गंध ।।

संबंधों में अब नहीं, पहले वाली बात ।
अपनेपन की आड़ में, अपने दें आघात ।।

खारापन हावी हुआ, अब रिश्तों के बीच ।
दुर्गंधित अब स्वार्थ का, फैल रहा है कीच ।।

धीरे-धीरे मिट रहा, संबंधों में मेल ।
मिलना आपस का हुआ, नाम मात्र का खेल ।

सुशील सरना / 7-9-25

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