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6 Sep 2025 · 1 min read

जा रहा हूं मैं ,

जा रहा हूं मैं ,
अपने माता पिता से सब हाल कहूंगा ।
१० दिन घर बुलाया ,पूजा की सम्मान दिया ,
और फिर बेदर्दी से नदी,समुद्र या नाला भी मिला ,
कहीं भी उठा कर कैसे फेंका सारी शिकायत करूंगा ।
अगर यही तुम्हारा व्यवहार रहा , अरे स्वार्थी मनुष्य !
तो फिर मैं तुम्हारे घर कभी नहीं आऊंगा ।
मेरे माता पिता जब मेरी दारुण दुख गाथा सुनेगे ,
तो फिर तुम्हारे साथ क्या अंजाम करते हैं ,
मैं ये सब पूरे संतोष के साथ देखूंगा ।
तुमने घर बुलाकर जो मेरा अपमान ,तिरस्कार किया ,
उसकी कठोर सजा दिलवाए बिना क्या यूं ही तुम्हें छोड़ दूंगा !

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