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6 Sep 2025 · 1 min read

जिंदगी का सफर।

जिंदगी के सफर में कहो न कहो ,
खूबसूरत जहां छूट जाता तो है।

यूं कहीं दूर तक चलके जाना तो है,
संग मिले न मिले मंजिलों के लिए,
यूं हमारे लिए क्या कहें जिंदगी,
रोज फिर से नया मोड लेती तो है।
फिर मुसाफिर से मिलना गलत तो नहीं,
हमसफर तो सफर में बिछड़ते ही हैं।

जिंदगी के सफर में कहो न कहो ,
खूबसूरत जहां छूट जाता तो है।

लेखक/कवि
अभिषेक सोनी “अभिमुख”
ललितपुर, उत्तर–प्रदेश
Mob. +91 7752993511
E–Mail– abhisheksoniji01@gmail.com

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