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6 Sep 2025 · 1 min read

*अनंत स्तुति*

अनंत स्तुति

नाम अनंत प्रभाव अनंत गुणार्णव श्री जगदीश! नतोऽहम्।
विश्व वशीकर सृष्टि शरण्य रमेश त्रिलोक अधीश! नतोऽहम्।
पाद जिन्हें भजते सुर विप्र मुनीश्वर आदि अनीश! नतोऽहम्।
नारद शारद सेवित नाथ अनंत पदे नतशीश! नतोऽहम्।।
***

अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’

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