चाँद सितारे, बस में नहीं,ना माँग रही हूँ
चाँद सितारे, बस में नहीं,ना माँग रही हूँ
जेवर.. कपड़े भी खूँटे पर टाँग रही हूँ
प्रेम तुम्हारा भी रहने दो,,नहीं चाहिए
साथ की भी अब कहाँ जरूरत रही है मुझको
दे सकते हो जो भी अब मैँ ठुकराती हूँ
उस असीम से मिलने को अब मैं जाती हूँ….