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5 Sep 2025 · 1 min read

मेरा दीवानापन

मेरा दीवानापन देखो तुझे बार बार तकना
सितम उस पे ये ,दिल का तेज़ धड़कना

मुड़ कर इक बार भी ,तूने न मुझे देखा
शायद मेरे हाथ में नहीं ,तेरे नाम की रेखा

लोग मुझे दीवाना , और बोले आवारा
ये तेरी चाहत का जानम है किस्सा सारा

अपनी दीवानगी को कैसे आखिर छुपाए
कहीं भी रहे, लौट के बुद्धु घर को आए

सुरिंदर कौर

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