मैंने देखा है-६
मैंने देखा है
कुछ लोगों को ही आजकल
खुशी में खूब हँसते हुए
खुशियों को छिपाना नहीं जानते
फिर, दुख में उतना ही रोते हुए
अधिक दुख में बिलखते हुए
एट पी एम किसी दुकान पर नहीं जाते
नादान हैं या होशियार, पता नहीं
मैंने देखा है
कुछ लोगों को ही आजकल
खुशी में खूब हँसते हुए
खुशियों को छिपाना नहीं जानते
फिर, दुख में उतना ही रोते हुए
अधिक दुख में बिलखते हुए
एट पी एम किसी दुकान पर नहीं जाते
नादान हैं या होशियार, पता नहीं