देश का भाग्य विधाता, शिक्षक कहलाता है
(शेर)- मत करो बदनाम शिक्षक को, इतना तुम जहान में।
लगाकर इतने इल्जाम तुम, शिक्षक पर जहान में।।
अधूरी है शिक्षा, शिक्षक के बिना सच इस जहान में।
मुमकिन नहीं राष्ट्र निर्माण, शिक्षक बिना जहान में।।
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जहां में डॉक्टर, इंजीनियर, जो बनाता है।
कलेक्टर, एसडीएम, वतन में जो बनाता है।।
वतन में देश को शिक्षित, यारों जो करता है।
विश्व में ऐसा वह इंसान, शिक्षक कहलाता है।।
जहां में डॉक्टर, इंजीनियर———————।।
कच्ची मिट्टी से बर्तन बनाना, नहीं है आसान।
छोटे बच्चों को पढ़ना सिखाना, नहीं है आसान।।
छोटे बच्चों को पढ़ना-लिखना, जो सिखाता है।
ऐसा वह मेहनती इंसान, शिक्षक कहलाता है।।
जहां में डॉक्टर, इंजीनियर—————।।
बिना शिक्षा के कोई, शिक्षित बन नहीं सकता।
नहीं पढ़ सकता इतिहास, तर्क कर नहीं सकता।।
पुलिस,वकील, जज आदि जिससे शिक्षा पाते हैं।
इतना काबिल वह इंसान, शिक्षक कहलाता है।।
जहां में डॉक्टर, इंजीनियर——————।।
प्लस पोलियो, चुनाव, जनगणना, शिक्षक कराता है।
बीएलओ कार्य में भी भूमिका, शिक्षक निभाता है।।
कक्षाओं में देश का भाग्य, फिर जो बनाता है।
वतन का भाग्य विधाता, शिक्षक कहलाता है।।
जहां में डॉक्टर, इंजीनियर—————–।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)