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5 Sep 2025 · 1 min read

क्यों हो रहे हो विकल ,

क्यों हो रहे हो विकल ,
क्यों यह हाहाकार मचाया हुआ है ।
तुम्हारी करनी का ही परिणाम है यह ,
हे मनुष्य ! जो नदियों ने। बाढ़ के रूप में बहाया है ।

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