आप सत्ता का नहीं अभिमान करिए।
आप सत्ता का नहीं अभिमान करिए।
राह उनकी है कठिन आसान करिए।
राष्ट्र को उन्नत बनाते हैं वही तो,
शिक्षकों का आप मत अपमान करिए।
राजेश पाली ‘सर्वप्रिय’
आप सत्ता का नहीं अभिमान करिए।
राह उनकी है कठिन आसान करिए।
राष्ट्र को उन्नत बनाते हैं वही तो,
शिक्षकों का आप मत अपमान करिए।
राजेश पाली ‘सर्वप्रिय’