गुरुवर को नमन
कच्चे घट को ढालकर,
जो देते है नव रूप।
ऐसे गुरुवर को नमन,
जो है ईश्वर स्वरूप।।
मात पिता प्रथम गुरु,
जिनके अनंत उपकार।
उनके चरणों में स्वर्ग,
वे है देव रूप साकार।।
सच्चा मित्र भी गुरु सम,
जो दिखाते सत्य राह।
जीवन पथ पर पग पग,
देते हमें उचित सलाह।।
जिनसे भी कुछ सीखे,
सब है गुरु के समान।
गुरु के चरणों में बसता,
देखो सारा जहान।।