शहीद शंकर गुहा नियोगी जी
शहीद कामरेड शंकर गुहा नियोगी जी की ✍️ कलम से
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साथियों,,
लाल जोहार
दुनिया में आज तक का इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास है।
सर्वहारा वर्ग जिस दिन से जन्मा है, उसने उसी समय से एक के बाद एक संघर्ष में भाग लिया है और आज भी प्रति दिन संघर्ष में भाग लेते आ रहा है।
इन लड़ाइयों में भाग लेकर सर्वहारा वर्ग ने अपने पक्ष में बहुत से कानून बनवा लिये हैं। इसलिए कानून की किताबों में सर्वहारा वर्ग के पक्ष में अनेक कानून देखने को मिलते हैं, जो कि पूर्व की लड़ाइयों के फल हैं। लेकिन ऐसे बहुत से कानून हैं, जो सिर्फ पुस्तकों की शोभा बढ़ाने के लिए ही हैं, वास्तव में जिनका पालन नहीं किया जाता है।
राजहरा के वर्तमान आंदोलन उसी प्रकार के अधिकार पाने के लिए शुरू किये गये थे।
1. ग्रेच्युइटी, 2 मेडिकल सुविधाएँ, ३ प्राविडेंट फंड (सी. पी. एफ.) का नियमितीकरण एवं 4 सन् 1971 में संसद में पारित बिल (ठेकेदारी प्रथा का उन्मूलन) के अनुसार विभागीयकरण।
संचालन
जनता ही शक्ति का उद्गम है एवं जनता में है असीम संगठन शक्ति।
साधारण श्रमिक वर्ग की संगठन शक्ति पर भरोसा करके ही एवं अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिकों में जागृति पैदा करके ही आंदोलन चलाया गया है।
यदि आर्थिक आंदोलन के साथ में राजनैतिक आंदोलन को भी भी जोड़ दिया जाये और इसी आंदोलन को व्यापक रूप से जनता के बीच फैला दिया जाये, तो इससे आंदोलन में गति आ जाती है।
इस दृष्टिकोण से भी आंदोलन चलाया जाता है।
लाल जोहार
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राम चरण नेताम
छत्तीसगढ़ माईंस श्रमिक संघ
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा
दल्ली राजहरा