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4 Sep 2025 · 1 min read

अपनों की छाँव का भ्रम

अपनों की छाँव का भ्रम
आज अपनों की छाँव दिखती तो है,
पर उसकी छाया में धूप सी तपिश महसूस होती है।
काँटों सा चुभन देती है,
सूरजमुखी के फूल सा मन
जो मोह वश सूरज के संग घूमता चला जाता है।
अपनों की छाँव दिखती है तो सही,
पर बस एहसास में ही सुकून देती है।
वन्दना सूद

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