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3 Sep 2025 · 1 min read

बलपूर्वक क्रियांवित कर्म हिंसा ही है चाहे वो उपवास ही क्यों

बलपूर्वक क्रियांवित कर्म हिंसा ही है चाहे वो उपवास ही क्यों न हो।
संजय निराला

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