तू है मोहब्बत तू है दुआ
तू है मोहब्बत, तू है दुआ,
तेरे बिना क्या है जीना भला।
तू ही है मंज़िल, तू ही सफ़र,
तेरे संग लगता है सबकुछ बेहतर।
दीवाना दिल ये हुआ है
दीवाना दिल ये हुआ है,
राहों में जब से तू हमको मिला है।
भटका हुआ सा था मैं एक मुसाफ़िर,
मुझको हाँ जैसे दर मिल गया है ।
तेरी हँसी से सज गए पल मेरे,
तेरी नज़र से रंगीन सफ़र मेरे।
ख़्वाबों की दुनिया तूने ही सजाई,
तेरी इश्क ने राहे हैं दिखाई।
दीवाना दिल ये हुआ है
तेरे ही साये में चैन हमने पाया,
जीने का मतलब सिखाया तूने सिखाया।
तेरे इश्क़ का असर ये हुआ है,
हर रास्ता तुझ तक हां मुझको लाया ।
— ✍️ सुशील मिश्रा ‘क्षितिज राज’