लक्ष्य
लक्ष्य नहीं निर्धारित जिनके
वो ऐसे रह जाते हैं
जैसे लाखों सूखे पत्ते
पानी में बह जाते हैं
….✍️ अरविंद गिरि
लक्ष्य नहीं निर्धारित जिनके
वो ऐसे रह जाते हैं
जैसे लाखों सूखे पत्ते
पानी में बह जाते हैं
….✍️ अरविंद गिरि