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3 Sep 2025 · 1 min read

मुक्तक : शौक से

मझधार में कश्तियांँ खेते हैं बड़े शौक से!
लोग दर्द आजकल देते हैं बड़े शौक से!
क्यों न आप दवा के रूप में भी लेते उसे,
लोग जिसे रोजाना लेते हैं बड़े शौक से!

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