हठधर्मिता का समर्थन करना मानसिक संकीर्णता को बढ़ावा देना है,
हठधर्मिता का समर्थन करना मानसिक संकीर्णता को बढ़ावा देना है, जिससे मानवीय संवेदनशील समाज की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती।
संजय निराला
हठधर्मिता का समर्थन करना मानसिक संकीर्णता को बढ़ावा देना है, जिससे मानवीय संवेदनशील समाज की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती।
संजय निराला