#लघुकथा / #लखपति
#लघुकथा / #लखपति
【प्रणय प्रभात】
बेहद मेहनती और ईमानदार था रम्मू। दिन-रात मशीन की तरह काम करता। मक़सद था छोटे से परिवार को हज़ारपति बनाना। पूरे 30 साल परिश्रम किया। बैंक खाते में जमा राशि कभी चार अंकों तक नहीं पहुंची।
एक दिन सेठ का बग़ीचा साफ करते हुए उसे साँप ने डस लिया। रम्मू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सात दिन बाद एक सरकारी चैक उसकी पत्नी के नाम जारी हो गया। नियमों के तहत चैक 4 लाख रुपए का था।
परिवार अब लखपति बन चुका था। लकड़ी के पटे पर एक तस्वीर रखी थी। जिसमें रम्मू मुस्कुरा रहा था। जो काम मेहनत की सीढी न कर पाई, वो मौत के साँप ने कर दिखाया।
#कथ्य…
【छोटी सी कहानी मृतपूजक परिपाटी और उन सरकारी नीतियों को सधिक्कार समर्पित है, जिनका सरोकार जीवित से नहीं मृतक से है। कुत्सित मंशा केवल कुटुंब को कृतज्ञ बनाने की】